Yayawar जिसे कही आराम नहीं... जो बस भटकना जानता है अब ठेहेर ना सिख रहा है... लिखना सिख रहा है... उस्मे छिपी awargi को पेहचान के yayawargi बनके जीना सिख रहा है... for more follow me on insta... with name yayawar.gi


Yayawargi (Divangi Joshi) verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी ब्लॉग
19 तास पूर्वी

आज फ़िर से तेरा ज़िक्र हुआ
तु केसा होगा ये फ़िक्र हुआ...

तु जिसे मेरा हमसफ़र बनना है
तु जिसे मेरे साथ जिना है

तु जो मेरे लिए चाँद-तारे ना तोडे
पर जो छत पे मेरे साथ तारे गिने

तु जो खुशिया मेरे कदमो मे ना डाले
पर मुजे मेरी दुनिया से दूर ना करे...

तु जो भले, हर कदम मेरे साथ ना चले
पर मेरे उठाए कोइ कदम पे सवाल ना करे

तु जो भले हि आधा पागल बन फ़िरे,
पर मेरा पुरा पागलपन जेले


तु जो भले करोडो कमाए नही,
मेहेन्गी गाडी मे घुमाए नही,
अच्छी घडि दिलाए नही,
पर जो कभी मुजे भुलाए नहि
बस जो कभी मुजे रुलाए नही


क्या एसा तु होगा
तु तुज सा ना होके
क्या मुज सा होगा
अरे सुना ना...
तु केसा होगा?

अजून वाचा
Yayawargi (Divangi Joshi) verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी ब्लॉग
3 दिवस पूर्वी

काफ़ि समय से एक दोस्त कि शादि मे व्यस्त थी कुछ लिखने का मोक नहि मिला ओर मन भी नहि किआ...
उस्को एक तोफ़ा देना था, जो पैसे देने पे भी ना मिले ओर लगे भि नायाब...
तभी शुरू से किया शुरू
हमारे रिश्ते कि निव तक पोहोची समज मे आया के स्कुल कि उस लकडे कि बेच पे बेठकर जो ख्वाब बुने थे तो वो हि तो तेरे-मेरे किससे थे वो हि तो चंद यादो के अफ़साने थे जिनपे सिर्फ मेरा हक था
तो फ़िर केसा हो अगर उन सपनो को हि अपने हाथो से बुन के तोफ़े मे देदु...

@YouTube बाबा से ग्यान ले कर, एक पुरा इतवार खर्च कर हमने हमारा सारा स्नेह इन कचे धोगो मे बुन दिया, कुछ एसे हि दादिया नानिया भी अपने होने का एहसास छोड के जाती होगी, बस कुछ एसे हि मेने भेज दिया है खुद को रंगबिरंगी तानो-बानो मे लपेट के खुद को उस्के नये घर...

मेरी राजदार के घर...
ek dream catcher...

अजून वाचा
Yayawargi (Divangi Joshi) verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी ब्लॉग
5 दिवस पूर्वी

नारी तुम सिर्फ़ लक्ष्मी नही ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी हो सकती हो..

एक हि रात मे मुझे पूरा पढ पाओगे ?
सालो लगे है मुजे खुद को लिखने मैं

Yayawargi (Divangi Joshi) verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले English विनोद
2 आठवडा पूर्वी

આ વિસ્તાર મારો જાણીતો છે,
મારા થોડા અજાણ્યા માણસો અહીં રહે છે

yayawargi

क्यों एसा हुआ तेरी तो मंगनी हुइ पर मे खुश नही तेरी खुशी से खुश ओर गम मे दुखी, .
आज तेरी इतनी बडि खुशीयो मे मैं क्यो शामिल नही क्यु घिन आ रहि है तेरे मंगेतर से तु तो सिर्फ़ दोस्त है फ़िर भी आख मे आसु क्यो है , दोस्त से ज़ादा तो हम थे नही फ़िर भि मन क्यो तुम्हे सबसे कहि दूर भगा के ले जाने को कर रहा है एक नइ दुनिया बसाने को कर रहा है.. .
.
पता नहि कब मुहे तुजसे प्यार हो गया पर तेरी तो मंगनी हो गइ... सहि मे कइ एसे किससे देखे है लोग धर्म, जाती, उच -निच ओर उम्र कि फ़ासले कि वजह से दोस्त हि बने रेहते है कभी प्यार का ज़िक्र भी नही करते लेकिन जब दोनो मे से कोइ एक अपने जिवन मे आगे बढता है तो एक कि कहानी वहो ठेहेर जाती है , अपनी तुलना उसके दोस्त के पार्ट्नर से करता है ओर अपनी दोस्ती भी दाव पे लगा देता है एक अजब कश्म कश होती है... पर अब क्या फ़ायदा. .
.

अजून वाचा

तेरी मंगनी पे मुझे दुख हुआ,
कब अपने दोस्तसे मुझेे प्यार हुआ!

she is unique princess, princess without Crown but with a Cristal clear smile,

who just not just walk on stage but roam around kingdom

she is rare she is unique she is you she is me...
#Unique

"बारिश के बाद रात आइने सी थी, एक पेर यादो के पानी मे पडा ओर वर्तमान हिल गया"