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https://www.matrubharti.com/novels/16680/chunni-by-krishna-chaturvedi

two chapters already published.
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Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
18 तास पूर्वी

मन मे काँटे,
होठ पर पानी मिट्टी धूल,
और कामना करते हो,
खिल जाए फूल,
जब ये क्रम उलट करोगे,
तब जाके खिलेंगे फूल।

-KrishnaKatyayan

अजून वाचा
Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
2 दिवस पूर्वी

वो प्यार है,
जिसमे ना कोई हारा,
ना ही कोई जीता,
आधा तुमने रखा,
आधा मैेनें।

KrishnaKatyayan

Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
2 दिवस पूर्वी

तुम फंसे नही हो,
कभी भी, कही भी,
वनस्पति,
जाल को ओढ लिया है,
तुमने,
अपने आँख पर पर्दा डाल कर,
मोह का पर्दा,
लोभ का पर्दा,
और काम का पर्दा।
-KrishnaKatyayan

अजून वाचा
Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले English विचार
3 दिवस पूर्वी

Buying books and reading them are truly two different things.

I am the first kind of.
I have my own small library and I don't allow anyone to touch them.
Who you are?

Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
3 दिवस पूर्वी

चार पल की जिंदगी,
चार कदम का है सफर,
चार सफ़र मे मित्र है,
चार मे ही सिमटे मेरे अमित्र है,
ये चार पल ही मुझे जीना है,
फ़िर काहे का झोल है।

-KrishnaKatyayan

अजून वाचा
Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कथा
4 दिवस पूर्वी

भूत की पूजा का भाग दो जल्दी ही आने वाला है।

Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
4 दिवस पूर्वी

कहते है, सच्चा दिल ही हमे उस ओर ले जाता है जिसकी हमे तलाश है।”
अपने आप का पीछा करो।
अपने सपनों का पीछा करो।
हर उस सवाल का पीछा करो जो तुम्हारे मन में उठते है क्यों कि हर एक सवाल का जवाब होता है, फर्क इतना होता है कि कुछ का जवाब उजाले में मिलता है और कुछ का धुत अंधेरे में।

-KrishnaKatyayan

अजून वाचा
Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
5 दिवस पूर्वी

प्यार जैसे जैसे,
आगे बढ़ता गया,
पुराना होता गया,
फिर सोशल मीडिया जैसे हो गया,
जहाँ कोई प्राईवेशि नही।

-KrishnaKatyayan

अजून वाचा
Krishna Chaturvedi तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
5 दिवस पूर्वी

आबादी गाँव मे शिफ्ट हो रही हैं,
नगर खाली हो रहे हैं,
खरीददार नही है,
अब नगर वाले भूखे मर रहे है,
किसने की ये साजिश?
सारे संतुलन बिगड़ रहे है।
-KrishnaKatyayan

अजून वाचा