Read My Story ... full of Fun and Humour "पहला घूँट" and please give your reviews


S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शुभ प्रभात
4 महिना पूर्वी

जिन्हे चाय से लगाव होता है
समझ लेना, कोइ तो घाव होता है..

घूंट घूंट में लेते हैं ज़िन्दगी का मज़ा
दौड़ते वक़्त में यही ठहराव होता है..

भाप बन कर पिघलती हैं जब यादें
ठंडे हुए रिश्तों में अलाव होता है..

जहाँ पूछ ले कोई "चाय पियोगे?"
बस
अपना तो वहीं पर झुकाव होता है..

उम्र के साथ बदली हैं यूं तो कई बातें
मगर
चाय से इश्क़ का एक मुकम्मल पड़ाव होता है... ☕

अजून वाचा
S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शुभ प्रभात
4 महिना पूर्वी

मैंने तेरे हर सपने को,
अपनी दुआ बना लिया है....

हर पल तू याद रहे इसलिए,
तुझे अपना खुदा बना लिया है...

S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
5 महिना पूर्वी

कुछ इस कदर
देखा उन्होंने..
मेरा रोम रोम
शर्मा गया...

फ़िर जुल्फ़ झटकी
हवा में..
और मेरी
सांसो को पसीना
आ गया..

अजून वाचा
S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
5 महिना पूर्वी

परदानशीं हैं मेरे दिलबर
आयें कैसे रौनक ए महफिल में
डरतें हैं बस न जाये कोई
हंसी सा चेहरा इस दिल में
निगाहों से कत्ल करते है
वो हर बार कुछ इस तरह
उस पर भी ये आरजू है
कि उन्हे गिने न कोई कातिल में!!

अजून वाचा
S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी प्रणय
5 महिना पूर्वी

??

यादों में तेरी याद थी
क्या याद था
कुछ याद नहीं ..
तेरी याद में सब कुछ भूल गये

क्या भूल गये
कुछ याद नहीं
याद हो तो सिर्फ तुम
क्यूँ याद हो ...ये याद नहीं

??

अजून वाचा
S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शुभ प्रभात
5 महिना पूर्वी

देख रंग सावँला हुआ बावला,
हाय कुछ भी समझ मे न आय

गर्म गर्म जब छनती है
मेरी तलब और बढ़ जाये

Ufff मेरी चाय ☕

S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शुभ प्रभात
5 महिना पूर्वी

ये ज़िन्दगी है साहब....
उलझेगी नही तो सुलझेगी कैसे...??
बिखरेगी नही तो निखरेगी कैसे..??

S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शुभ संध्या
5 महिना पूर्वी

अच्छा इंसान मतलबी नहीं होता

बस दूर हो जाता है उन लोगों से

जिन्हें उनकी कद्र नही होती।

भरोसा सब पर कीजिए,
लेकिन *सावधानी* के साथ

क्योंकि..

कभी कभी *खुद के दांत* भी,
जीभ को काट लेते है!

S Kumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शुभ प्रभात
7 महिना पूर्वी

पहली किरण सा छूना
ये चमकीली रौशनी सी खनखनाहट
और
नखरीली हवाओं के मदहोश पल

वो चाय की चुस्कियां....
साँसों में उतार
एक बार फिर तु
गुलाबी सुबह
संग तो गुजार.....

अजून वाचा