Hey, I am on Matrubharti!


MANISH PAREEK तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 महिना पूर्वी

.

MANISH PAREEK तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
5 महिना पूर्वी

मनीष महोब्बत डुंड रहे थे हुस्न के दरबारो में पर वो केद पड़ीं थी दिल तखानों में।

इश्क़ का यह उसूल भी कमाल है मनीष जिशे हम जान समझते थे आखिर कर वही बेजान निकले।

MANISH PAREEK तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
5 महिना पूर्वी

#इश्क़
जो कहते थे कि हमे इश्क़ है तुम से उन्हें कहदो की अब जरा अदब से फ़रमाये इश्क़ के पहलू। क्योकि अब हमने भी इश्क़ करना छोड़ के कागज कलम औऱ किताब पकड़ ली है। लिखने लगे अगर हम तो, तुम्हारे इश्क़ की औकात लिख देंगे। अमावस की वो शाम लिख देगें, चाँदनी वो रात लिख देंगे, जो हुई वो मुलाक़ात लिख देगे,हमें मत समजाओ मनीष इश्क़ के उसूल क्या है,हम इश्क़ में तुम्हारी औक़ात लिख देगे,सावन की वो बरसात लिख देगे, जो तूने की वो हर बात लिख देगे,हमें मत समजाओ मनीष इश्क़ के उसूल क्या है,हम इश्क़ में तुम्हारी औक़ात लिख देगे,जो तेरे संग सजाएं वो हर ख़्वाब लिख देगे,तेरे हुस्न का हर राज लिख देगें,तेरे हर पहलू में अपना हाल लिख देगे,हमें मत समजाओ मनीष इश्क़ के उसूल क्या है,हम इश्क़ में तुम्हारी औक़ात लिख देगे।
#Manish #Pareek
#Blenkpage
#If_you_like_my_poems_plz_follow_me_and_spurt_me .
#thanks

अजून वाचा

आशा करता हु यह कविता आप को पसंद आएगी। ओर इस मे कोई त्रुटी हो तो मुझे क्षमा करना। आप सब हमसे बड़े है तो आप के आशीर्वाद के साथ मे सुरु करना चाहता हु आप का आशीर्वाद हमेसा मुझे पे बनाए रखना। यह कविता में अपने पिता जी के चरण कमलों में समर्पित है।
*#पद चिन्ह*
जिन के पद चिन्हों पर चलकर मेने खड़ा होना सीखा, जिन के पद चिन्हों पर चलकर मेने चलना सिखा,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही वाणी में मिठास आई,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर होटो पे मुस्कान आई,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर अच्छा लिखना सीखा,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही विपरीत हालातों से लड़ना सीखा,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही परिवार को जोड़ना सीखा,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही मेने भावनाओं को टटोलना सीखा,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही मेंने आशाओं के बीज बोए,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही सारे सपनें सच होये,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही अपने माता पिता के चिराग होये,
जिन के पद चिन्हों पर चलकर ही सफलता अपने कदमो में हुई,
उन के पद चिन्हों में मेरा कोटि कोटि प्रणाम।
#मनीष -पारीक
#Blenkpage

अजून वाचा

भाषाओ का अनुवाद किया जा सकता है भावनाओ का नही उन्है तो बस महसूस करना पड़ता है।
#Manish_pareek
Blenkpage

MANISH PAREEK तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
5 महिना पूर्वी

.

.

MANISH PAREEK तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले English ब्लॉग
8 महिना पूर्वी

.

MANISH PAREEK तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी ब्लॉग
9 महिना पूर्वी

क्या पता है तुम्हें  आज कल अपनी बात नही होती, हो सकता है इसे तुम्हें कोई फर्क न पड़े लेकिन हमारी तो रात नही होती क्या पता है तुम्हें आज कल अपनी बात नही होती ऐसा लगता है हमारे महोले में अब बरसात नही होती, अब लगता है कुछ अधूरी रहे गई प्यास हमारी क्योकि अब हमारे यहां सावन में भी बरसात नही होती क्या पता है तुम्हें की आज कल हमारी बात नहीं होती।
                वीरान थे हम वीरान ही रह गए लगता है अब हमारी महोले में किसी से ऐसी पहचान नही होति, क्या पता है तुम्हें आज कल अपनी बात नही होती,
                                                       क्या पता है तुम्हें हमने कभी न खेले थे हमने होली के त्योहार, क्योकि बेरंग थे हम तो आपने आकर हमे रंग दिये ओर हमे रंगा रंग कर गये।रंग जो दिये आपने बस इन्हें एक ही बार में दुआ कर गए, कभी कभी दम घुटता है हमारे इस मे बताओ क्या करे हम?
                                                                   क्या पता है तुम्हें आज कल हमारी बात नही होत्ती।
                                                       क्या पता है तुम्हें आज कल हमे वो आवाज सुनाई नही देती जो हमारी कानो की सुरंग से सीधे दिल को जाती थी और छू जाती थी हमारे मन को। लगता है  आज कल वो आवाज नही होती ।
                                                                      सब सुने पड़े है रास्ते अब मै उन पर आवाज लगाउ किसे तुम ही बताओ अब पागलसी कहकर  बुलाऊ किसे, क्या पता है तुम्हें आज कल अपनी बात नही होती।
                                     ✒--- मनीष पारीक
To be continue..........

अजून वाचा