Hey, I am writting on Matrubharti!


Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 वर्ष पूर्वी

भरकर जहर दिल में
कहा तक जावोगे
सांस रोककर कब तक
जी पावोगे
थक हारकर जब भी लौटोगे
अगर तुम तय्यार होतो
हम तुंम्हे फिर अपना बनाएंगे

अजून वाचा
Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 वर्ष पूर्वी

नशा हो या प्यार
हमेशा तगडा करो

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी प्रेरक
1 वर्ष पूर्वी

जख्म हुआ पाव में
तो उससे चलना सिखे
जख्म हुआ दिल पे तो
इंसाण की पहचान
सिखे.

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी प्रेरक
1 वर्ष पूर्वी

कौन अपना कौन पराया
ये पहले समझ लो
अपना खून भी
घाव लगते सबसे पहले
निकल जाता है.

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 वर्ष पूर्वी

.हजारो लोग थे
फिर भी दिल तुमपे आया
बाकी लोगोसे
अच्छा लगा तुम्हारा साया

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 वर्ष पूर्वी

जब भी तुम बोलती थी

बहोत था सुकून 'तेरी बोली में

अब खफा है तो
और अब हर अल्फाज गाली लगता हैं

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 वर्ष पूर्वी

तू वक्त से तेज
हो गयी
मैने हिसाब रखा था सालो का
तू चंद मिनटो मे निपट गयी

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
1 वर्ष पूर्वी

जान तो हमारी

वैसे ही चली गयी

ना पिस्तौल चली

न इलज़ाम लगा

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 वर्ष पूर्वी

बनाया है घर मैने
कुछ दूर राह छोडकर
इस यकीन में
काश रास्ता भटक कर ही
मेरे तरफ आवोगे😣

Nikhilkumar तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
2 वर्ष पूर्वी

नाराज होना लाजमी है तुम्हारा
पर हम भी वो है
जो एक बार ठुकरा गये तो
फिर उसकी शकल भी नही देखते