नीलिमा शर्मा निविया संपादक कवियत्री लेखिका है, वर्तमान में मातृभारती की हिंदी सम्पादिका है . हिन्दयुग्म से प्रकाशित " मुट्ठीभरअक्षर" सांझा लघुकथा संग्रह का संपादन, मातृभारती पर प्रकाशित हिंदी साहित्य के साँझाउपन्यास "आईना सच नही बोलता"की कथानक लेखिका संपादन संयोजन, वनिका प्रकाशन से प्रकाशित सांझा प्रेम कहानी संग्रह "खुसरो दरिया प्रेमका " का संपादन सहलेखन , 40 सांझा संग्रहों में कविताएं लघुकथा कहानी प्रकाशन . पुरवाई ई पत्रिका के संपादन दल की सदस्य .


Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी विचार
3 आठवडा पूर्वी

2020

Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
4 आठवडा पूर्वी

अजीब अदा है लोगों की...

नजरें भी हम पर है
और नाराज़गी भी हम से...!!

Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी विचार
1 महिना पूर्वी
Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी प्रेरक
1 महिना पूर्वी

कड़वा है लेकिन सच है,तारीफ किये बिना
कोई खुश होता नहीं
और
झूठ बोले बिना
किसी की तारीफ होती नहीं

Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले English प्रेरक
1 महिना पूर्वी

Why is that we need others to create happiness for us.

Aren't we sufficient in self.

Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी विनोद
1 महिना पूर्वी

स्त्री रोती रहती कि उनका अपना कोई घर नही होता,
पर पति को...
उसके कमरे से तकिया-समेत बाहर
करने का दम रखती है🤣😂😂🤣

अजून वाचा
Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 महिना पूर्वी

इक ख़ौफ़ सा छाया हुआ दिल पर क्यूँ है।
ये मेरे शहर का बिगड़ा हुआ मंज़र क्यूँ है।
اک خوف سا چھایا ہوا دل پر کیوں ہے.
یہ مرے شہر کا بگڑا ہوا منظر کیوں ہے.
-Qamar Anjum Muhammed Krishn-

अजून वाचा
Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 महिना पूर्वी

जियें जीवन
मेरे सब अपने
करूं क्रंदन

Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 महिना पूर्वी

तुम्हें पाना बिल्कुल ऐसा था
जैसे किसी प्राचीन नगर की खुदाई में
किसी पुरातत्ववेत्ता को
मिल गयी हो
रत्न जड़ित कोई मूर्ति

कुछ समय के लिए ही सही
विध्वंस के पश्चात
जैसे मिल जाता है किसी
ईश्वर का घर
सिर ढकने के लिए

'यक़ीनन
तुम मेरे साथ हुई
संसार की
सबसे सुंदर त्रासदी रहे।'

अजून वाचा
Neelima sharma Nivia verified तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
1 महिना पूर्वी

तुम जानते नही हो /स्याह घेरे मेरी आँखों के/क्यों इतने गहरे है/ लम्बी रातें है/दिन क्यों इतने ठहरे है / यूँ ही जो कौंच देते हो मुझे सरे राह/कहकर रात की अंधेरी गुफा/ हरसिंगार सी झड़ जाती है /पंखुरियाँ मेरी उदासी से/ यूँ ही जो कह देते हो न/अक्सर/कुछ भी/अपना समझ कर/अपना समझा होता तो/ यह स्याह घेरे घनेरे न होते/ काश तुम पूरे के पूरे मेरे होते 💐💐

अजून वाचा