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Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी धार्मिक
9 महिना पूर्वी

दिव्य मोहक स्वरूप विशाल तृतीय दिवस, @shubh
मां चंद्रघंटा अवतार
सब के कष्टों को दूर करो मां करबद्ध करे जो करुण पुकार??

अजून वाचा
Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी धार्मिक
9 महिना पूर्वी

कुमकुम से सजे
तेरे पांव
रुनझुन करते
आए मां,@shubh
मन के हर कोने
में स्थिरता जगा
जाए

Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी धार्मिक
9 महिना पूर्वी

न शब्द है मेरे पास ना उन्हें पिरोने का जज्बा@shubh
बेटी हूं तेरी हर वक्त तुझे ढूंढती हूं मां

Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
9 महिना पूर्वी

चंड मुंड विनाशिनी मां खप्पर वासनी तू ही धरा तू ही अंबर हे
शिवशक्ति वासनी
निज मन पवित्र से ध्यान करू मां
मैं तेरी शक्ति उपासना करू
वेग भी डरे आवेग से तेरे
दैत्य भी डरे त्रिशूल से तेरे
अपने चरण में मां अब मुझे
स्थान दो
बेटी हूं तेरी आंचल में अब
थाम लो
मन आश्रित तन आश्रित
ध्यान में अब मग्न हूं
शक्ति उपासना मैं लीन
हो जाऊं,@shubh
मां तेरी अब शरण में हूं
???? नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
जय माता की ????

अजून वाचा
Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी सुविचार
9 महिना पूर्वी

जो थामें सुख में हाथ दिलके नजदीक होते हैं@shubh
दुख में हाथ बढ़ाएं वो ईश्वर के बंदे होते हैं

Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
10 महिना पूर्वी

जिंदगी एक ऐसी
किताब है
जिसके हजारों पन्ने
अभी तक आपने
नहीं पढ़े हैं

Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
10 महिना पूर्वी

क्या् औकात है सूरज तेरी इस दुनिया में
रात के बाद भी एक रात है इस दुनिया में
शाख से तोड़े गए फूल ने हंसकर कहा
अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया....

अजून वाचा
Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
10 महिना पूर्वी

प्रेम पराकाष्ठा है वस्त्र नहीं,
जो हर रोज बदला जाता ...
प्रेम तो वो चादर है अर्थी की,
पहन लिया जब उतारा नहीं जाता...

अजून वाचा
Shubhra Dixit तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी शायरी
11 महिना पूर्वी

जिंदगी चलती जा रही है राहों से होकर बेखबर,
सफर तय कर रहे हैं मंजिलों से अनजान होकर।
अब तो आरजू है कुछ करने की ख्वाहिश,shubh!
जिन्हें पाने की दुआ कर रहे हैं दामन फैलाकर.....

अजून वाचा