Hi, Thank you for visiting my Profile, I am Prashant Vyawhare, I Love Writing and Reading, that's why I am hear on Matrubharathi to write for reading lovers & follow Esteemed Writers.


Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी सुविचार
8 महिना पूर्वी

अगर कभी तुम्हारा दिमाग चलना बंद कर दे !
तो कोई भी कदम उठाने से पहले थोड़ा ठहर जाना चाहिए!
ताकि कुछ भी गलत कदम न उठ सके !
और बाद में होने वाले पछतावे से तुम बच सको !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी प्रेरक
8 महिना पूर्वी

समय खराब हो तो थोड़ा रुक जाना चाहिए !
ताकि जब तुम्हारा टाइम आये तो तुम और तेज दौड़ सको !

Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी विचार
10 महिना पूर्वी

जिंदगी के अनेको रंगो को वो परख लेता है !
और उन बिखरे हुए अल्फाज़ो को समेटे !
एक सरल पुलिंदा बनता है !
भले ही असल जिंदगी में उसकी न हो कोई पहचान !
मगर अल्फाजो के चाहने वालो में वो लेखक कहलाता है !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी विचार
10 महिना पूर्वी

जिंदगी के रंगोंको वो परख लेता है !
और उन बिखरे हुए अल्फाज़ो को समेटे !
एक सरल पुलिंदा बनता है !
भले ही असल जिंदगी में उसकी न हो कोई पहचान !
मगर अल्फाजो के चाहने वालो में वो लेखक कहलाता है !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
10 महिना पूर्वी

ये शब्द ही है जो अंतर्मन को छू जाते है !
जो दर्द को अंदर समेटे, मुस्कराहट फैला जाते है !
शब्द ही है जो मजबूरिया समझ जाते है !
और हर दर्द सहने की ताक़त दे जाते है !
ये शब्द हे है जो किसे कविता या कहानी में !
जिंदगी के सुख और दुखो को दिखा जाते है !
और ये शब्द हे है जो जीने का हौसला हमे दे जाते है !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी सुविचार
1 वर्ष पूर्वी

ख्वाबो के समंदर से खुशियों के मोती ढूंढ रहा हु मैं !
अगर मिल जय कोई रंगीन पत्थर तो भी मुस्कुरा रहा हूँ मैं !
पत्थर ही सही मगर पा कर दिल खुश है मेरा !
बाट दू उसे किसी दोस्तो को यू ही, क्युकी वही अनमोल मेरे पलो का है सहारा !

हैप्पी फ्रेंडशिप डे !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी विचार
2 वर्ष पूर्वी

धुप में मुश्किलों की जल रहा हूँ में !
छाव दीखे न कही और मंझिल भी बेनज़र है !
फिर भी बढे चला हूँ !
जान कर ये अनजान सफर है !
आंधीयो की काँटों भरी राह है
आजमाऊ कौन इस पल साथ निभाए !
हमसफ़र तो है कई
पर साथी-ऐ-ईमान कोई मील जाये !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी प्रेरक
2 वर्ष पूर्वी

इस भीड़ में शहर की !
खोने नहीं आया हूँ में !
ख्वाब है कई और !
कुछ कर गुजरने का है हौसला !
आजमाऊ खुद को चाहे तूफ़ान कोई आये दुखो का !
दम भर चला हूँ खुद में जूनून जितने का !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
2 वर्ष पूर्वी

मुश्किलें चाहे कितने भी हो गर्द !
हौसला ही है हमारा दम !
चक्रव्यूह दुखो का अब !
तोड़ एक दिन दिखा तुम्हे देंगे हम !
चाहे असहाय दोस्त भी हो कभी !
मगर खुदी न हमारी मायूस है !
आखिर पंखो से अपनी आप उड़ान !
खुदा को भी तो पसंद है !

अजून वाचा
Prashant Vyawhare तुमचे अपडेट्स पोस्ट झाले हिंदी कविता
2 वर्ष पूर्वी

आज फिर मुश्किलों के बादल !
चारो तरफ आये है भर !
तूफ़ान लहराए दुखो का !
गम में डूबे है सभी दर !
मगर इनसे हमे न है घबराना !
हौसल ए दामन को है बांधना !
इन दुखो से साथ मिलकर लडे हम !
है मुश्किल रास्ता गर !
चाहे दुश्मन भी है दम भर!
तय कर लिया हमने भी के !
एक दिन सुखो का सूरज बन !
इस अँधेरी दुनिया पर बरसे हम !

अजून वाचा