जीवन ही अंतिम सत्य जीवन ही ईश्वर है। जीवन से अलग कोई दूसरा ईश्वर, आत्मा या परमात्मा नहीं। जीवन ...
ॐ सत्यं मे गुरुः। सत्यं मे शरणम्। सत्यं मे जीवनम्। गुरु-पूजा नहीं, सत्य-पूजा Agyat Agyani मेरी दृष्टि में सबसे ...
चेतना का त्रिकोण वेदांत 2.0द्रष्टा • दृश्य • दर्शनद्वन्द्व, द्वैत और अद्वैत का एक समकालीन दर्शन चेतना का त्रिकोण ...
वेदांत 2.0 लाइफ: अस्तित्व-आधारित जीवन सिद्धांतपुस्तक का मुख्य संदेश (The Core Hook):"यह पुस्तक पढ़ने की नहीं, जीने की पुस्तक ...
वेदांत 2.0 : प्रकृतिजीवी से यंत्रजीवी तकयदि आज की शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और तकनीकी सभ्यता को गहराई से देखें, ...
बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु(वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण)मनुष्य जन्म के समय किसी धर्म, ईश्वर, आत्मा, ...
केंद्र और परिधिमनुष्य का जन्म केंद्र में होता है, पर उसका जीवन धीरे-धीरे परिधि पर फैल जाता है। केंद्र ...
त्रिपिंड चित्त-दर्शन(The Tri-Pinda Consciousness Model)प्रस्तावना: मानव और ब्रह्मांड का त्रि-खेलमानव को मैं तीन मुख्य भागों में देखता हूँ: मन, ...
मन का पर्दा और प्रत्यक्षता की त्रासदी — Vedanta 2.0 @import url('https://fonts.googleapis.com/css2?family=EB+Garamond:ital,wght@0,400;0,600;0,700;1,400&family=Noto+Sans+Devanagari:wght@400;600;700&family=Noto+Serif+Devanagari:wght@400;600;700&displa
: वेदांत और आधुनिकता — संतुलन की खोजआधुनिक युग ने मनुष्य को वह सब दिया है जिसकी कभी कल्पना ...