Priyam Gupta लिखित कथा

बारिश से पहले तुम

by Priyam
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शहर को अक्सर लोग भीड़ से पहचानते हैं,लेकिन कुछ लोग शहर को उसकी तन्हाइयों से पहचानते हैं।वह भी उन्हीं ...

पहली नज़र की चुप्पी - 10

by Priyam
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वक़्त का सफ़र कितना अजीब होता है ना —कभी किसी को रोज़ देखना भी कम लगता है,और फिर एक ...

पहली नज़र की चुप्पी - 9

by Priyam
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कभी-कभी किसी कहानी का सबसे मुश्किल हिस्साउसे ख़त्म करना नहीं होता —बल्कि उसे समझना होता है।क्योंकि कुछ रिश्तेहमारे साथ ...

पहली नज़र की चुप्पी - 8

by Priyam
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कभी-कभी वक्त के सारे जवाब शब्दों में नहीं होते,कभी-कभी वो बस एक मुलाक़ात में छिपे होते हैं —जहाँ दो ...

पहली नज़र की चुप्पी - 7

by Priyam
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कभी-कभी कुछ बातें कही नहीं जातीं,बस वक्त के साथ हल्के-हल्के दिल में गूंजती रहती हैंजैसे किसी पुराने गाने की ...

पहली नज़र की चुप्पी - 6

by Priyam
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कभी-कभी ज़िंदगी हमें वहीं ले आती है जहाँ से हमने चलना बंद कर दिया था।कुछ चेहरे, कुछ यादें, कुछ ...

पहली नज़र की चुप्पी - 5

by Priyam
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कभी-कभी silence भी बहुत कुछ कह जाती है…और कभी-कभी वही silence सबसे बड़ा दर्द बन जाती है।जहाँ शब्द खत्म ...

पहली नज़र की चुप्पी - 4

by Priyam
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कॉलेज का वही पुराना गलियारा, वही सुबह की हल्की धूप, वही library की खामोश खुशबू…सब पहले जैसा था,लेकिन Prakhra ...

पहली नज़र की चुप्पी - 3

by Priyam
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कॉलेज की गलियों में अब एक नई पहचान बस चुकी थी —जहाँ हर सुबह की शुरुआत एक मुस्कान से ...

पहली नज़र की चुप्पी - 2

by Priyam
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बारिश अब भी कॉलेज की पुरानी दीवारों को छूकर गिर रही थी,जैसे हर बूँद पिछले मौसम की कोई अधूरी ...