smita लिखित कथा

तेरी मेरी कहानी - 8

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अर्शित किचेन में गया और सिया के लिए सूप बनाने लगा उसने सिया को अपने हाथों से सूप पिलाया ...

तेरी मेरी कहानी - 7

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अगले दिन सुबह से दोनों फिर काम में डूब गए। समय जैसे दौड़ रहा था।आख़िरी दिन शाम तक प्रोजेक्ट ...

तेरी मेरी कहानी - 6

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एक दिन देर शाम तक दोनों ऑफिस में ही थे।काम खत्म होने के बाद अर्शित ने हल्की मुस्कान के ...

तेरी मेरी कहानी - 5

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सिया ने घबराती हुई आवाज़ में जवाब दिया—“क… कुछ नहीं पापा। बस थक गई हूँ, आप परेशान मत होइए…”“बेटा, ...

तेरी मेरी कहानी - 4

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अर्शित गुस्से और बेचैनी के बीच अपने घर पहुँचता है। उसके दिमाग़ में सिर्फ़ सिया का चेहरा घूम रहा ...

तेरी मेरी कहानी - 3

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उस दिन के बाद से सिया कई दिनों तक ऑफिस नहीं आई। अर्शित रोज़ अपने केबिन में बैठकर सिया ...

तेरी मेरी कहानी - 2

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और फिर एक दिन……सिया घर के कामों में व्यस्त थी तभी उसके फोन पर एक ईमेल आया—"Congratulations! You have ...

तेरी मेरी कहानी - 1

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ब्लैक फॉर्मल ड्रेस में सजी हुई, आँखों पर ब्लैक गॉगल्स लगाए, अर्शित रॉय—शहर का जाना माना, प्रसिद्ध और ताकतवर ...

प्यार नहीं पिंजरा था वो

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ट्रेन धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म पर आकर रुक रही थी। रात के नौ बज चुके थे और शहर की चकाचौंध भरी ...

पुरानी हवेली का राज - 3

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28 साल पहले, एक गाँव में यशवंत प्रताप सिंह नाम का एक व्यक्ति रहता था। वह अत्यंत अमीर था, ...