CHIRANJIT TEWARY लिखित कथा

तेरे मेरे दरमियान - 55

by CHIRANJIT TEWARY
  • 66

मोनिका नेक्लेस दैखकर बहोत खुश हो जाती है और कहती है --मोनिका: - वाव , कितना सुंदर है , ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 34

by CHIRANJIT TEWARY
  • 324

एकांश मन ही मन सोचता है----->" अच्छा तो वो लाल शिला ही रक्षा कवच है।कुछ दैर में सभी उस ...

तेरे मेरे दरमियान - 54

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 801

रागिनी की बात को सुनकर सभी हक्का बक्का रह जाता है ।रागिनी फिर कहती है --रागिनी :- मैं उस ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 33

by CHIRANJIT TEWARY
  • 750

दक्षराज कहता है--->" वो मार्ग मुझे बताइये बाबा।अघोरी कहता है--->" तेरे लिए दो रास्ते है दक्ष। एक जो मैंने ...

तेरे मेरे दरमियान - 53

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 942

विद्युत रागिनी से कहता है --विद्युत :- Congratulation बेटा ।रागिनी :- थेंक्यू अंकल ।विद्युत :- प्रताप , तेरी बेटी ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 32

by CHIRANJIT TEWARY
  • 522

चतुर कहता है--->" वो तो मेला में है क्योंकि हम दोनो ने उधर एकफास्टफूड का दुकान लगाया है। वो ...

तेरे मेरे दरमियान - 52

by CHIRANJIT TEWARY
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एक्सीडेंट सुनकर जानवी डर जाती है और वो हॉस्पिटल की तरफ चली जाती हैइधर उसी हॉस्पिटल मे आदित्य रमेश ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 31

by CHIRANJIT TEWARY
  • 832

वर्शाली एकांश के बात को काटते हुए कहती है--->" एकांश जी भूल सिर्फ आपसे नहीं मुझसे भी हुई है ...

तेरे मेरे दरमियान - 51

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 1.3k

विकास :- जानवी , क्यों ना हम शादी कर ले !जानवी ( खुशी से ) :- क्या , क्या ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 30

by CHIRANJIT TEWARY
  • 681

एकांश को वर्शाली की याद आती है। वो सौच रहा होता है---" कास में यह वर्षाली को ला पता ...