CHIRANJIT TEWARY लिखित कथा

श्रापित एक प्रेम कहानी - 31

by CHIRANJIT TEWARY
  • 264

वर्शाली एकांश के बात को काटते हुए कहती है--->" एकांश जी भूल सिर्फ आपसे नहीं मुझसे भी हुई है ...

तेरे मेरे दरमियान - 51

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 678

विकास :- जानवी , क्यों ना हम शादी कर ले !जानवी ( खुशी से ) :- क्या , क्या ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 30

by CHIRANJIT TEWARY
  • 279

एकांश को वर्शाली की याद आती है। वो सौच रहा होता है---" कास में यह वर्षाली को ला पता ...

तेरे मेरे दरमियान - 50

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.7/5)
  • 591

इंस्पेक्टर :- जी , उन्ही का कंप्लेन है के आदित्य ने उनके और पापा को किडनेप किया और उससे ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 29

by CHIRANJIT TEWARY
  • (0/5)
  • 561

सोनाली खुश होती हैं और कहती हैं---->" ये तो बहुत अच्छी बात है। पर बहन क्या एकांश को भी ...

तेरे मेरे दरमियान - 49

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.9/5)
  • 978

जानवी डर जाती है और काली को रौकते हूए कहती है --जानवी :- नही रुको । मैं साईन करती ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 28

by CHIRANJIT TEWARY
  • (0/5)
  • 672

एकांश हैरानी से कहता है----एकांश :- मेरा महल..?वर्शाली कहती है:- हाँ एकांश जी। आप भूल गए के अपने कैसे ...

तेरे मेरे दरमियान - 48

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.8/5)
  • 1.2k

विकास काली को फोन करता है और कहता है --विकास :- भाई जैसा आपने कहा था के मैं जानवी ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 27

by CHIRANJIT TEWARY
  • 789

मीरा मीना से कहती है----मीरा :- अरे दीदी अब बस भी करो ना क्यों सता रहे हो तुम मेरे ...

तेरे मेरे दरमियान - 47

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 1.1k

आदित्य तिरु से कहता है --आदित्य :- मामा जी , पापा ने मेरे साथ ऐसा क्यू किया , क्या ...