Deepshikha Kedia लिखित कथा

तुमसे मोहब्बत है - 12

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सुबह का ऑफिस हमेशा की तरह बिज़ी था…पर आज एक अनजाना-सा तनाव हवा में घुला हुआ था।क्योंकि आज अगस्त्य ...

Hum Tum एक दूजे के यूं हुए

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दार्जिलिंग की वह सुबह किसी डरावने सपने से कम नहीं थी।ठंड इतनी बेरहम थी कि साँस लेते ही फेफड़ों ...

तुमसे मोहब्बत है - 11

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अजय जी गाड़ी रोकते ही जंकी जी को सँभालकर Singhania Office के अंदर ले जाते हैं।अंदर कैबिन में Vansh ...

तुमसे मोहब्बत है - 10

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Kabir पूरी रास्ते गाड़ी ड्राइव करता है,पास बैठी वाणी खिड़की के बाहर देखती रहती है।ना कोई आँसू,ना कोई शब्द ...

तुमसे मोहब्बत है - 9

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वाणी और कबीर लिफ़्ट से निकलकरसीधे 12th-floor boardroom की तरफ चलते हैं।काँच की दीवारों वाले उस कॉन्फ़्रेंस हॉल मेंपहले ...

तुमसे मोहब्बत है - 8

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Vinay Damani हल्की मुस्कान के साथ फ़ाइल बंद करते हुए कहते हैं—“Vaani, baaki saari formalities HR se complete kar ...

तुमसे मोहब्बत है - 7

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वाणी अपने कमरे में जाती है।सूरज की हल्की किरणें खिड़की से छनकर अंदर आ रही थीं। कमरे में सादगी ...

तुमसे मोहब्बत है - 6

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सुबह की हल्की धूप अभी पूरी तरह फैली भी नहीं थी किवाणी नींद से उठकर चुपचाप अपने कमरे से ...

तुमसे मोहब्बत है - 5

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Hअगस्त्य अपनी घड़ी पर समय देखता है—रात काफ़ी हो चुकी थी, पर उसका दिमाग़ अटका हुआ था उस लड़की ...

तुमसे मोहब्बत है - 4

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उधर वो लड़की आखिरकार अपने घर के बाहर पहुँचती है।थकी हुई साँसें… माथे पर पसीना… और अभी भी हल्का ...