Vandna Sharma लिखित कथा

जन्मदिन की बधाई

by Vandna Sharma

सोहन आज सुबह से ही चिड़चिड़ा सा हो रहा था। अजीब बात थी, क्योंकि आज तो उसका जन्मदिन था। ...

जन्मदिन क्यों मनाऊं

by Vandna Sharma
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आज से पांच दिन बाद 15 सितम्बर को मेरा जन्मदिन है। मुझे कोई खुशी ही नहीं हो रही। मुझसे ...

विस्मृति भूलना भी सामान्य है

by Vandna Sharma
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'भूलना' वरदान है या श्राप। एक सामान्य व्यक्ति दिन में कई बार इस समस्या का सामना करता है। पाठकगण ...

पितृ दोष

by Vandna Sharma
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बाबू राम किसी गाँव में एक प्राइमरी स्कूल के अध्यापक थे। उनका एक बेटा था मोहन। मोहन अपनी बीवी ...

सच्ची खुशी

by Vandna Sharma
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बाल कहानी - मोहमायामीना नाम की एक दस साल की प्यारी सी बच्ची थी। वो बहुत समझदार थी, पर ...

कबीरा संगत साधु की

by Vandna Sharma
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सुरेश का बचपन गरीबी में बीता था। फटेहाल गांव, जहाँ दसवीं पास कर लेना भी बहुत बड़ी बात मानी ...

मन की दुविधा

by Vandna Sharma
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राखी का त्योहार था। नेहा दो दिन के लिए अपने मायके गई थी। भाई की कलाई पर राखी बांधकर, ...

मेरे सपनों का घर

by Vandna Sharma
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रामप्रसाद अभी-अभी लौटे थे अपनी धर्मपत्नी दुलारी को डॉक्टर से दवाई दिलवाकर। उनकी धर्मपत्नी को कई दिन से धुंधला ...

कान्हा का संदेश

by Vandna Sharma
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जन्माष्टमी पर लेखकान्हा से सीखें जीने का सूत्रराधे-राधे!श्री कृष्ण का पूर्ण जीवन ही हम सबके लिए आदर्श जीवन सूत्र ...

सौम्या की यात्रा

by Vandna Sharma
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सौम्या अपने मायके आई हुई थी। बहुत दिनों बाद आई थी, सो मन में एक अलग ही उमंग थी। ...