तुम समय के बीच खडे हो, समीर. उन्होंने कहा. अगर तुमने सही फैसला नहीं किया. तो अक्षय सिर्फ जिंदा ...
Intensive Care Unit के बाहर समीर और विवेक खडे थे. सामने शीशे के पार रिया और अक्षय बेहोश पडे ...
इस हिस्से में शितिज की बेबस हालत, डर और ठाकुर साहब की चाल को थोड़ा और गहरा किया है, ...
एम्बुलेंस तेजी से अस्पताल की ओर दौडती रही. कुछ ही मिनटों बाद एम्बुलेंस अस्पताल के मुख्य द्वार पर आकर ...
इस हिस्से को मैं आपकी कहानी के मूल भाव को रखते हुए थोड़ा अधिक उपन्यासात्मक, सहज और रहस्य पैदा ...
यह सब देखकर अक्षय जैसे पागल हो उठा. वह भागकर रिया के पास पहुँचा, उसे अपनी बाँहों में उठाया ...
ठाकुर साहब से मिलकर मुझे लगा जैसे मैं अपनी मंज़िल की पहली सीढ़ी चढ़ चुका हूँ। सीढ़ी इसलिए कहा, ...
तभी—कोने में रखा एक दीपक अचानक तेजी से भडक उठा. आग की लपटें इतनी तेज फैलीं कि झोंपडी की ...
वही चेहरा. वही आँखें. वही कपडे. यहाँ तक कि उसके माथे पर मौजूद छोटा- सा निशान भी. न. नहीं. ...
मैंने उत्सुकता से उनकी ओर देखा। "आज के बाद तुम जो भी देखोगे, सुनोगे या जानोगे... वह इस कमरे ...