Irfan ayan Khan लिखित कथा

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 18

by Irfan Khan
  • 264

"उस बंद कमरे में सन्नाटा इतना भारी था कि अयान के सीने में धड़कता हुआ गुस्सा साफ सुनाई दे ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 17

by Irfan Khan
  • 642

अयान के चेहरे पर पसीने की बूंदें अभी भी चमक रही थीं। उसने कांपते हाथों से अपनी जेब से ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 16

by Irfan Khan
  • 726

कमरे में बिखरी खामोशी को, दरवाजे पर जोरदार दस्तक ने, कांच की तरह तोड़ दिया— धड़, धड़, धड़!अयान, जो ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 15

by Irfan Khan
  • 621

अयान जैसे ही लड़खड़ाते हुए घर की दहलीज पर पहुँचा, वहां एक ऐसी अजीब सी चुप्पी पसरी हुई थी ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 14

by Irfan Khan
  • 978

अयान की उंगलियों के बीच वह पेनड्राइव किसी लट्टू की तरह घूम रही थी। तभी आर्यन के पिता के ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 13

by Irfan Khan
  • 801

आर्यन की कलाई पर डंडा क्या पड़ा, जैसे उसके हाथ का सारा सिस्टम ही हिल गया हो। वह वहीं ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 12

by Irfan Khan
  • 765

अयान ने फोन जेब में डाला और तेज कदमों से गली के बाहर की तरफ भागा। उसके दिमाग में ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 11

by Irfan Khan
  • 876

अयान ने जैसे ही अपनी उंगली दोबारा मशीन के फिंगरप्रिंट सेंसर पर रखी, उसे महसूस हुआ कि उसका पूरा ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 10

by Irfan Khan
  • 999

सुबह के 10 बज गए थे।अयान ने अपनी धड़कनों को काबू में करते हुए देखा कि 'सेंट्रल बैंक' के ...

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 9

by Irfan Khan
  • 1.1k

शहर की सड़कों पर अब धुंध की चादर थोड़ी पतली हो रही थी। मुंबई के इस हिस्से में सब्जी ...