jagni b लिखित कथा

लाल इश्क - 7

by jagni b
  • 597

स्थान: 'द गॉथिक फोर्ट' - राणा मेंशनसमय: सुबह १०:०० बजेआरंभी को जब होश आया, तो उसे अपना अस्तित्व किसी ...

लाल इश्क - 6

by jagni b
  • 474

स्थान: 'द गॉथिक फोर्ट' - राणा मेंशनसमय: सुबह ५:३० बजेआरंभी की नींद सूरज की कोमल किरणों से नहीं, बल्कि ...

लाल इश्क - 5

by jagni b
  • 798

स्थान: 'द गॉथिक फोर्ट' एक प्राइवेट इस्टेट - अग्निहोत्री मेंशनसमय: रात २:०० बजेकाव्या आरंभी को लेकर ऊपरी मंजिल पर ...

लाल इश्क - 4

by jagni b
  • 738

शादी की रस्में अग्नि और मंत्रोच्चार के शोर में किसी 'बफरिंग' होती मेमोरी की तरह धुंधली लग रही थीं। ...

लाल इश्क - 3

by jagni b
  • (5/5)
  • 609

अगला एक हफ्ता किसी धुंधले और खौफनाक सपने जैसा था—रेशम, लेस और बंदूकधारी गार्ड्स के बीच बीता एक ऐसा ...

लाल इश्क - 2

by jagni b
  • (5/5)
  • 945

'शास्त्री निवास' तक का वह रास्ता किसी लो-बजट हॉरर फिल्म के पैनिक अटैक जैसा था। बाहर धुंधली नियॉन लाइट्स ...

लाल इश्क - 1

by jagni b
  • (4.9/5)
  • 2.1k

बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खामोशी। पुराने ...