jassu लिखित कथा

आखिरी चिठ्ठी जो कभी भेजी हीं नहीं गई....? - 3

by jassu

स्टेशन के उस पुराने वेटिंग रूम की दहलीज पर खड़ा वह साया धीरे-धीरे रोशनी की ओर बढ़ा। निखिल के ...

आखिरी चिठ्ठी जो कभी भेजी हीं नहीं गई....? - 2

by jassu
  • 462

​पुरानी रेलवे स्टेशन की वह सुनसान इमारत, जो बरसों पहले किसी हादसे के बाद बंद कर दी गई थी, ...

अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 5

by jassu
  • 264

अंधेरा इतना गहरा था कि ऐसा लग रहा था मानो समय खुद थम गया है। आर्यन के कानों में ...

आखिरी चिठ्ठी जो कभी भेजी हीं नहीं गई....? - 1

by jassu
  • (0/5)
  • 11.9k

“वो चिट्ठी… जिसने सब बदल दिया”रात के करीब साढ़े दस बजे थे।शहर की सड़कों पर हल्की बारिश हो रही ...

अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 4

by jassu
  • 3.1k

अंधेरा इतना गहरा था कि वह आर्यन के वजूद को निगल जाने को उतारू था। उसके गले में लटका ...

अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 3

by jassu
  • 2.1k

अंधेरा इतना अभेद्य और घना था कि आर्यन को अपनी आँखों के सामने अपनी ही हथेलियाँ दिखाई नहीं दे ...

अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 2

by jassu
  • (0/5)
  • 3.3k

बनारस की तंग गलियां रात के सन्नाटे में किसी अजगर की तरह फुसफुसा रही थीं। आर्यन की रॉयल एनफील्ड ...

अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 1

by jassu
  • (3.9/5)
  • 5.3k

मौत का दस्तक​बनारस की उस रात में गंगा के घाटों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। ...