स्टेशन के उस पुराने वेटिंग रूम की दहलीज पर खड़ा वह साया धीरे-धीरे रोशनी की ओर बढ़ा। निखिल के ...
पुरानी रेलवे स्टेशन की वह सुनसान इमारत, जो बरसों पहले किसी हादसे के बाद बंद कर दी गई थी, ...
अंधेरा इतना गहरा था कि ऐसा लग रहा था मानो समय खुद थम गया है। आर्यन के कानों में ...
“वो चिट्ठी… जिसने सब बदल दिया”रात के करीब साढ़े दस बजे थे।शहर की सड़कों पर हल्की बारिश हो रही ...
अंधेरा इतना गहरा था कि वह आर्यन के वजूद को निगल जाने को उतारू था। उसके गले में लटका ...
अंधेरा इतना अभेद्य और घना था कि आर्यन को अपनी आँखों के सामने अपनी ही हथेलियाँ दिखाई नहीं दे ...
बनारस की तंग गलियां रात के सन्नाटे में किसी अजगर की तरह फुसफुसा रही थीं। आर्यन की रॉयल एनफील्ड ...
मौत का दस्तकबनारस की उस रात में गंगा के घाटों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। ...