Dr. Suryapal Singh लिखित कथा

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 6

by Dr. Suryapal Singh
  • (5/5)
  • 450

1966 में गोण्डा मुख्यालय में डिग्री कालेज खुल गया। थोड़े दिनों के लिए श्याम जी साहब उसके प्राचार्य का ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 5

by Dr. Suryapal Singh
  • (0/5)
  • 906

1957 में ही प्रयाग में साहित्यकारों का एक सम्मेलन हुआ था। उस सम्मेलन में श्रोता के रूप में मैं ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 4

by Dr. Suryapal Singh
  • (0/5)
  • 1.2k

1953 में ही लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों पर गोली चल गई थी उस समय चंद्रभान गुप्त मुख्यमंत्री, जुगुल किशोर ...

नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 3

by Dr. Suryapal Singh
  • 1.2k

जीतेशकान्त पाण्डेय- कक्षा पाँच उत्तीर्ण कर आपने मिडिल स्कूल में प्रवेश लिया। मिडिल स्कूल का अनुभव कैसा रहा?डॉ0 सूर्यपाल ...

नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 2

by Dr. Suryapal Singh
  • 1.7k

जीतेशकान्त पाण्डेय- आप बचपन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं का जिक्र करते रहे हैं। वह घटनाएं कौन सी थी?डॉ0 सूर्यपाल ...

नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 1

by Dr. Suryapal Singh
  • 2.4k

नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई डॉ0 सूर्यपाल सिंह साक्षात्कार ...

कोइयाँ के फूल - 3

by Dr. Suryapal Singh
  • 4.6k

ग़ज़ल खण्ड1हाशिये पर जो यहाँ औंधे पड़े हैं।घर उन्हीं के बारहा क्योंकर जले हैं?हर किसी की ज़िन्दगी उत्सव न ...

कोइयाँ के फूल - 2

by Dr. Suryapal Singh
  • 4.4k

कविताएँ/गीत/मुक्तक11कहकर गया थाकहकर गया थालौटकर आऊँगाकजरी तीज का दिन था।गाँव के उस पारकजरी गाने वालेगा रहे थे कजरी-लछिमन कहाँजानकी ...

कोइयाँ के फूल - 1

by Dr. Suryapal Singh
  • (5/5)
  • 6k

कविताएं/गीत/मुक्तक1कोइयाँ के फूलताल में खिले हैंकोइयाँ के फूलआना तुम साथ-साथ खेलेंगे,साथ-साथ उछलेंगे-कूदेंगे,नीले पानी में आसमान देखेंगे।आना तुम साथ-साथ खेलेंगे।बेर्रा ...

कारवाॅं - 10(3)

by Dr. Suryapal Singh
  • 3.6k

वंशीधर का दिमाग़ घूम फिरकर हठीपुरवा पर ही अँटक जाता है। वही नन्दू, हरवंश, तन्नी, ओर अंजलीधर का चेहरा ...