ये मेरी चार साल पुरानी रचना थी। जिसे मैने तब पब्लिश नहीं किया था क्योंकि लैपटॉप खराब हो गया ...
भूपेंद्र के जीवन का सूरज अब पूरी तरह अस्त हो चुका था। जिस साहब वाली छवि को बचाने के ...
भूपेंद्र ने एलिमनी चुकाने के लिए बैंक से लोन लेना चाहा, लेकिन उसे लोन नहीं मिला क्योंकि उसके पुराने ...
काया ने महसूस कर लिया था कि भूपेंद्र पिछले कुछ दिनों से उखड़ा-उखड़ा रहता है। उसके चेहरे की हवाइयाँ ...
मनोरमा देवी के कानों तक यह खबर पहुँच चुकी थी कि उनके राजा बेटे की नौकरी जा चुकी है। ...
वंशिका को गुप्त सूत्रों से यह पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी कि भूपेंद्र अब बेरोज़गार हो चुका है। जब ...
अगली सुबह जब सूरज की रोशनी उस घर की खिड़कियों से टकराई, तो वंशिका के लिए वह घर अब ...
महिमा की मुस्कान अब गायब हो चुकी थी। उसने एक गंभीर वकील की तरह फाइल मेज पर रखी और ...
काया एक शातिर दिमाग औरत थी। वह भूपेंद्र के चेहरे पर छाई हवाइयों और उसकी उखड़ी सांसों को देखकर ...
अगली सुबह जब शहर की गलियों में लोग अपने काम के लिए निकल रहे थे, भूपेंद्र अपनी मर्यादा और ...