kantilal Rathod Badamiya लिखित कथा

आख़िरी दस्तक

by kantilal

आख़िरी दस्तकएक ऐसा दरवाज़ा… जिसे रात के बाद कभी नहीं खोलना था।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकारात के सन्नाटे में ...

आख़िरी दरवाज़ा

by kantilal
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आख़िरी दरवाज़ा (एक मनोवैज्ञानिक सस्पेंस / थ्रिलर कहानी)️ लेखकKantibhai Rathod Badamiya--- दोस्तों पढ़ना शुरू करने से पहले...यदि आप यह ...

किस्मत का एक पन्ना

by kantilal
  • 877

किस्मत का एक पन्नाकुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्द नहीं… सिर्फ आँसू समझते हैं।लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावनाशायद नियति ...

थोड़ा साथ और

by kantilal
  • 687

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल ...

चार दिन की शान।

by kantilal
  • 786

चार दिन की शान।एक बेटे की ज़िद… और एक परिवार की कीमत️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाआज के समय में ...

थोड़ा साथ और

by kantilal
  • 886

थोड़ा साथ और वह दिन कब आएगा?एक पति-पत्नी की कहानी… जो सबके लिए जीते-जीते, एक-दूसरे के लिए जीना भूल ...

जब कैमरे बंद हुए, तब इंसानियत जागी

by kantilal
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जब कैमरे बंद हुए, तब इंसानियत जागीएक भावुक कहानी — इंसानियत, भीड़ और मोबाइल की बदलती दुनिया कीलेखककान्तिभाई राठौड़ ...

रिश्तों की डोर

by kantilal
  • (4.8/5)
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रिश्तों की डोरएक अहसास… एक तड़प… और ज़िंदगी का एक कड़वा सचलेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावना ज़िंदगी बहुत अजीब है…जब ...

बीस रुपये की खुशी

by kantilal
  • (5/5)
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बीस रुपये की खुशी मंदिर में चढ़ाने के लिए रखा था ₹20 का नोट… रास्ते में इंसानियत ने हाथ ...

कभी-कभी भगवान स्वयं किसी जरूरतमंद के रूप में हमारे दरवाज़े पर आते हैं

by kantilal
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कभी-कभी भगवान स्वयं किसी जरूरतमंद के रूप में हमारे दरवाज़े पर आते हैं इंसान की पहचान उसके कपड़ों ...