Pooja Singh लिखित कथा

Agent Tara - 4

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 252

इंतजार सबसे खतरनाक हथियार होता है.और यह बात तारा जानती थी.उसने खुद को शांत रखा. अगर डर दिखा, तो ...

सदियों से तुम मेरी - 4

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 474

अगली सुबह दिव्या देर तक सो नहीं पाई। रात की घटना बार-बार उसकी आँखों के सामने घूम रही थी। ...

Agent Tara - 3

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 411

कबीर राणा उस रात बेस में अकेला बैठा था.स्क्रीन पर तारा की लाइव लोकेशन दिख रही थी—सहयोग फाउंडेशन से ...

सदियों से तुम मेरी - 3

by Krishna bhakt bhajan and art
  • (4.7/5)
  • 363

कॉलेज का दिन सामान्य रूप से खत्म हो चुका था। सूरज ढलने लगा था और आसमान में हल्की नारंगी ...

Agent Tara - 2

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 315

मुंबई की रात बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, भीतर से उतनी ही बेरहम होती है.ट्रस्ट की इमारत से ...

माफिया की मोहब्बत

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 294

सुबह का वक्त था। हल्की ठंडी हवा कॉलेज कैंपस के पेड़ों से टकराकर गुजर रही थी। गेट के बाहर ...

सदियों से तुम मेरी - 2

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 2k

सुबह की हल्की धूप खिड़की से होकर दिव्या के कमरे में फैल रही थी। अलार्म बजने से पहले ही ...

Agent Tara - 1

by Krishna bhakt bhajan and art
  • (0/5)
  • 1.8k

मुंबई कभी नहीं सोती.रात के तीन बजे भी इसकी सडकों पर जिंदगी बहती रहती है—कभी रोशनी बनकर, कभी साए ...

सदियों से तुम मेरी - 1

by Krishna bhakt bhajan and art
  • (2/5)
  • 1.6k

घने जंगल के बीचोंबीच फैली वह प्राचीन गुफा आज भी रहस्यों से भरी थी। चट्टानों से रिसता पानी सदियों ...

वाशिकारिणी - 6

by Krishna bhakt bhajan and art
  • 1.7k

इच्छा : प्रेम या प्रेतखाई के किनारे खड़ा शक्ति काँप रहा था।नीचे अंधेरा था… अंतहीन।उसी अंधेरे से एक जानी-पहचानी ...