kusum kumari लिखित कथा

Oyy Mr. Vampire - 4

by kusum kumari
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स्नोसिटीरात का वक्त :नशे में धुत होकर खुश होती धरुविका नहीं जानती थी ! कि वो क्या करणे जा ...

Oyy Mr. Vampire - 3

by kusum kumari
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Snow City :रात का वक़्त…:ध्रुविका ने घूर कर लड़के की ओर देखा ! और फिर अपनी गर्दन टेढ़ी कर ...

बारह बरश का इंतज़ार - 4

by kusum kumari
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किटी... अंकित ने धीरे से कहा “ …कुसुम ने अपनी आंखें खोल दी !“हम्म।” कुसुम ने धीरे से जवाब ...

Oyy Mr. Vampire - 2

by kusum kumari
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स्नोसिटी बिलकुल अपने नाम की तरह ही था। यहाँ अक्सर बर्फबारी होती रहती थी। ये शहर दिखने में जितना ...

बारह बरश का इंतज़ार - 3

by kusum kumari
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अगले दिन उसकी नींद बाहर से आते शोर से खुली।बाहर से हँसने की आवाज़ें आ रही थीं।कुसुम ने अपना ...

Oyy Mr. Vampire - 1

by kusum kumari
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एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था।चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था।सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… ...

बारह बरश का इंतज़ार - 2

by kusum kumari
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कमरे में सिर पकड़े बैठी कुसुम के ज़ेहन में ! बारह बरस पहले की यादों ने हल्के से दस्तक ...

बारह बरश का इंतज़ार - 1

by kusum kumari
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कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, बड़े-बड़े ...