Nisha Choudhary लिखित कथा

पिता जी - भाग 2

by Nisha Choudhary
  • 282

"पिता जी ने अपनी ज़िंदगी की आखिरी जमापूंजी भी दांव पर लगा दी थी, लेकिन क्या रोशनी उनका यह ...

सरहद से इंतजार तक

by Nisha Choudhary
  • 264

पहाड़ की बर्फीली चोटियों पर जब तेज़ ठंडी हवाएँ चलतीं, तो ऐसा लगता मानो सुइयाँ जिस्म में चुभ रही ...

रोशनी का सही रुख

by Nisha Choudhary
  • 417

अरे बहू! ज़रा चाय तो बनाना, और हाँ, मलाई मत डालना," मालती जी ने अपनी जगह से ही आवाज़ ...

पिता जी - भाग 1

by Nisha Choudhary
  • (4/5)
  • 1.2k

शाम के ढलते ही जब आँगन में पुरानी साइकिल की वही जानी-पहचानी चैन की आवाज़ गूँजती, तो पूरे घर ...

मायके की देहलीज़ - भाग 3

by Nisha Choudhary
  • 882

अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने तोड़ दिया। रीना ...

माँ का वह अनकहा खत (भाग 3) (अंतिम विस्तार)

by Nisha Choudhary
  • (5/5)
  • 924

रिया के कांपते हाथों ने जैसे ही उस पीले पड़ चुके कागज को खोला, उसकी आंखों के सामने मां ...

मायके की देहलीज़ - भाग 2

by Nisha Choudhary
  • 1k

मां रसोई के चौखट पर शांत खड़ी थीं, लेकिन उनकी नम आँखों में बरसों का सारा दर्द छलक आया ...

माँ का वह अनकहा खत (भाग 2)

by Nisha Choudhary
  • (4.8/5)
  • 1.6k

दिल्ली की भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट जिंदगी में रिया का फोन जब बजा, तो स्क्रीन पर भाई अमित का नाम ...

मायके की देहलीज़ - भाग 1

by Nisha Choudhary
  • (0/5)
  • 1.6k

शादी के तीन साल बाद जब नेहा अपने गांव वाले पुश्तैनी घर पहुंची, तो उसकी सांसों में बचपन की ...

माँ का वह अनकहा खत (भाग 1)

by Nisha Choudhary
  • (5/5)
  • 1.7k

रात के 11 बज चुके थे। दिल्ली के एक छोटे से किराए के फ्लैट में लैपटॉप की नीली रोशनी ...