Nitya Oswal लिखित कथा

माँ-बाप की सेवा क्यों करनी चाहिए?

by Nitya Oswal

इस दुनिया में सबसे पहले करने योग्य कोई सेवा हो तो वह माँ-बाप की सेवा है। हिंदुस्तान की संस्कृति ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 10

by Nitya Oswal
  • 294

“हर जीव के भीतर साक्षात नारायण का वास है, इसलिए किसी भी प्राणी को छोटा या अछूत समझना ईश्वर ...

क्या मांसाहार करना चाहिए?

by Nitya Oswal
  • 909

परम पूज्य दादा भगवान कहते हैं कि, अहिंसा का पालन करने के लिए स्वाद की इन्द्रिय, यानी जीभ पर ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 9

by Nitya Oswal
  • (0/5)
  • 876

“वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाणे रे।पर दुःखे उपकार करे तोये मन अभिमान न आणे रे।।”गहरे ...

तनाव-मुक्त खुशहाल जीवन - भाग 4

by Nitya Oswal
  • 975

अध्याय 16जीवन में उद्देश्य (Purpose) कैसे खोजेंजीवन में उद्देश्य या पर्पस (Purpose) होने से व्यक्ति संतुष्ट, केंद्रित और खुशहाल ...

तनाव-मुक्त खुशहाल जीवन - भाग 3

by Nitya Oswal
  • 981

अध्याय 10स्ट्रेस-फ्री हैप्पी लाइफ का मुख्य रहस्यतनावमुक्त और खुशहाल जीवन किसी बड़ी उपलब्धि या दौलत से नहीं मिलता। यह ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 8

by Nitya Oswal
  • (0/5)
  • 1.2k

“प्यार और विनम्रता ही जीवन के सच्चे आभूषण हैं, बाकी सब केवल बाहरी दिखावा है।”यह विचार आज के इस ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 7

by Nitya Oswal
  • (0/5)
  • 1.2k

“क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति।।” –(श्रीमद्भगवद गीता - अध्याय 2, श्लोक 63)अक्सर लोग क्रोध को केवल एक क्षणिक भावना ...

अमृत वाणी - संत वाणी - 6

by Nitya Oswal
  • (5/5)
  • 1.7k

“विद्येविना मती गेली, मतीविना नीती गेली।नीतीविना गती गेली, गतीविना वित्त गेले।वित्ताविना शूद्र खचले, इतके अनर्थ एका अविद्याने केले।।”ज्योतिबा फुले ...

तनाव-मुक्त खुशहाल जीवन - भाग 2

by Nitya Oswal
  • 1.3k

अध्याय 5स्ट्रेस कम करने के आसान तरीकेआज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव (Stress) होना सामान्य बात है। लेकिन कुछ ...