Praveen Kumrawat लिखित कथा

बुराई की अंधी चेन

by Praveen Kumrawat
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“हम रोज़ चिल्लाते हैं कि दुनिया बहुत बुरी है, लेकिन क्या कभी सोचा है कि इसे बुरा बनाने वाले ...

कुदरत का आईना

by Praveen Kumrawat
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कुदरत का अकाट्य नियम: हम जो देते हैं, वही लौटकर आता हैयह धरती किसी एक प्रजाति की जागीर नहीं, ...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 5

by Praveen Kumrawat
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घर वापसी: जब इंसान बदल जाए, लेकिन माहौल न बदलेउपचार के बाद वह लड़का पहले जैसा नहीं रहा था। ...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 4

by Praveen Kumrawat
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जब अपना ही दिमाग दुश्मन बन जाए: OCD का चक्रव्यूहमानव जीवन में सबसे सुरक्षित स्थान उसका अपना मन माना ...

हमारी विलासिता, बेजुबानों का लहू

by Praveen Kumrawat
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क्या आप जानते हैं कि आपकी थाली में सजा भोजन, वॉर्डरोब में टंगा कीमती लेदर जैकेट या सिल्क का ...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 3

by Praveen Kumrawat
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खामोश डिप्रेशन: जब इंसान जीता तो है, लेकिन जीवन महसूस नहीं कर पाताअवसाद हमेशा आँसुओं के रूप में दिखाई ...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 2

by Praveen Kumrawat
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जब आत्मसम्मान को व्यवस्थित तरीके से तोड़ा जाता हैहर बच्चा इस दुनिया में संभावनाओं के साथ जन्म लेता है, ...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 1

by Praveen Kumrawat
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अनुशासन के नाम पर बचपन का कत्लदुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून ...

गर्भ संस्कार - भाग 22 - एक्टिविटीज़–21

by Praveen Kumrawat
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प्रार्थना:राजाओं में श्रेष्ठ श्रीराम सदा विजय को प्राप्त करते हैं। मैं लक्ष्मीपति भगवान् श्रीराम का भजन करता हूँ। सम्पूर्ण ...

गर्भ संस्कार - भाग 21 - एक्टिविटीज–20

by Praveen Kumrawat
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प्रार्थना:हे बुद्धिदाता श्रीगणेश, मुझे सदा सद्बुद्धि प्रदान कीजिए। हे विघ्नहर्ता, अपने पाश से मेरे सर्व ओर सुरक्षा कवच निर्मित ...