prem chand hembram लिखित कथा

गरीब के बहते आंसु - 6

by prem chand hembram
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दूर गाँव में उस रात बिमला ने जो सपना देखा था, उसने उसे भीतर तक तोड़कर रख दिया था।भोर ...

बांसुरी की धुन - भाग 10

by prem chand hembram
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भाग : 10तापस दा के घर का वातावरण कुछ देर पहले की अपेक्षा अब शांत था।बरामदे में बैठे लोगों ...

गरीब के बहते आंसु - 5

by prem chand hembram
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हरखू — जिंदगी और याददाश्त के बीचकई दिन बीत चुके थे।शहर के एक निजी अस्पताल में हरखू जिंदगी और ...

बांसुरी की धुन - भाग 9

by prem chand hembram
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भाग : 09धर्म किसका है?सिनाराम मुर्मू कुछ क्षण तक बिल्कुल मौन खड़े रहे।बरामदे में बैठे लोगों की निगाहें अब ...

बांसुरी की धुन - भाग 8

by prem chand hembram
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भाग : 08सुबह की किरणें धीरे-धीरे धरती पर अपना उजास बिखेर रही थीं। रात का घना अंधकार अब छँट ...

गरीब के बहते आंसु - 4

by prem chand hembram
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डॉक्टर रंगनाथन के नेतृत्व में हरखू के सिर का ऑपरेशन अंततः सफलतापूर्वक पूरा हुआ।ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा बंद था ...

बांसुरी की धुन - भाग 7

by prem chand hembram
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बांसुरी की धुन — भाग : ०७सत्संग अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुका था।सभा में बैठे लोगों के चेहरों ...

गरीब के बहते आंसु - 3

by prem chand hembram
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रामचरण पूरे गाँव में अपनी ईमानदारी और साफगोई के लिए जाना जाता था। उसके बारे में किसी ने कभी ...

गरीब के बहते आंसु - 2

by prem chand hembram
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पूस की हाड़ कंपा देने वाली ठंड थी।हरखू का शरीर जंगली बेर की घनी झाड़ी में बुरी तरह फँसा ...

बांसुरी की धुन - भाग 6

by prem chand hembram
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बांसुरी की धुनभाग : ०६रावण हेंब्रम ने धीरे-धीरे सभा की ओर देखा। उनके चेहरे पर संतोष की हल्की मुस्कान ...