मानवता की जीत (अंतिम संस्करण)धनबाद जिले की छाती पर बसा रहिमनगर…एक छोटा सा कस्बा—जहाँ जिंदगी सरल थी, पर समाज ...
एक छोटी सी भूल“आप पुरानी सोच के हैं…”अपनी ही बेटी के मुँह से निकले ये शब्द,शहर के प्रतिष्ठित वकील ...
विचारों का संग्राम(उपशीर्षक: क्या मैं आस्तिक हूँ?)प्रातःकाल का समय था।पूरा नगर अभी नींद की गोद में था, पर पंडित ...
भूतों की बारात में झूमर“जब तान, थाप और नृत्य ने अदृश्य जगत को भी बाँध लिया…”डोमन के सिर से ...
सत्-चरित्र: सृष्टि का मूल अस्तित्वक्या आपने कभी गंभीरता से विचार किया है कि किसी समाज, राष्ट्र या सम्पूर्ण सृष्टि ...
भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया ...
बच्चों से प्रेम या धोखा ?यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर लगभग हर कोई “हाँ” में देता है।लेकिन यदि ...
जब मटकू को मिला भोपू(पंचतंत्र शैली की हास्य-व्यंग्य कथा)जंगल के बीचों-बीच एक बूढ़ा पीपल का पेड़ था—वह पेड़ नहीं ...
टूटता हुआ मन भाग :-1(अहंकार से आत्मबोध तक की कथा)रमेश घोष एक प्रतिष्ठित आईआईटी इंजीनियर था।तेज बुद्धि, आधुनिक सोच ...
चार मूर्खों में एक "काना"बहुत पहले की बात है।झारखंड के सुदूर वन-प्रांतीय इलाके में भयंकर अकाल पड़ा।धरती सूख गई, ...