अभी तक हमने देखा कि सृष्टि ने ध्रुव को पहचान लिया था लेकिन सामने नहीं गयी ओर होटल चली ...
सृष्टि ज़ब वेद से मिलती है तब उनका सामना बिल्कुल अच्छा नहीं था लेकिन उनके दोस्तों से मिलकर लगा ...
सृष्टि साधारण सी लड़की है जो अपने भाई के साथ शहर मे एक रेंट के घर मे रहती है ...
वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति ...
कॉलेज से बाहर निकल श्वेता काव्या की स्कूल की ओर जाती हैं उसके साथ रावी होती हैं जो अभी ...
अवि करन के घर के बाहर खड़ा होकर दरवाजे की घंटी बजाता है अंकल जी दरवाजा खोला कर कहते ...
अगले दिन सुबहश्वेता और काव्या सो रहे थे तभी काव्या को उसकी मां की आवाज आती है - काव्या ...
रात की चांदनी रात में श्वेता अपनी नम आंखों से चांद को देख रही थी मन भरा हुआ था ...
अगले दिन कॉलेज मे ----मधु आज कॉलेज के लिए लेट हो गयी थी उसके फ्रेंड्स उसे कॉल करते है ...
कॉलेज क्लास मे......क्लास के खत्म होने के बाद भी आरव, सनी, अनु और मधु अपनी क्लास में बैठे हुए ...