दर-बदर भटकते हुए मंगरू अब हिम्मत हार चुका था ,उसके हाथ में कई बार मुड़ा और फटा कागज इस ...
विरोधापभाष कम होता प्रतीत नहीं हो रहा था, बल्कि बढ़ता ही जा रहा था। बाहर का विरोधाभाष होता तो ...
कोड़ा बरसाने के बाद भी बैलों का जोड़ा टस से मस नहीं हुआ तो हरमू ने आकाश की ओर ...
अपनी असफलता के लिए सिर्फ भाग्य को कोसते-कोसते, वह अपने आप को हीन और तुच्छ समझने लगा था। इच्छा ...
अमवा के पेड़ के मुंडेर पर बैठी कोयलिया ’’ कुहू- कुहू ’’ की आवाज से गीत गा रही थी। ...
नज़रें इनायत हो रही थी, सारी बातें आँखों आँखों में ही हो रही थी। किसी को भी इश्क की ...
बँटवारा बुधन बँटवारा का नाम सुनते ही आग बबूला हो गए। वो इस तरह बौखला उठे जैसे कि समन्दर ...
बंद फाइल एक तो बला की उमस, उस पर बिजली महारानी उनुपस्थित, कब तक हाजिर होगी कोई भी नहीं ...
नए रोमांचक स्थान की खोज करने के शौख ने आज रोहन को मुश्किल में डाल दिया। आज रोहन खुद ...
दिल में कसक उठते ही यादोें की एक किताब खुल जाती और किताब का एक-एक पन्ना मानस पटल पर ...