अंधेरे में मोहब्बतरात के 2 बजे थे। शहर की सारी आवाज़ें जैसे सो चुकी थीं, लेकिन काव्या की आँखों ...
दिल्ली की एक ठंडी शाम थी। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश शुरू हो चुकी ...
अधूरे तार: रूहों का मौन संवादनील नीले समंदर के किनारे बसे एक शोर शराबे वाले शहर की बीसवीं मंजिल ...
फासलों की कसक: एक अधूरी मुलाकातशहर की भीड़भाड़ से दूर, पहाड़ों की ओट में बसे एक छोटे से गाँव ...