Renu Chaurasiya लिखित कथा

अंश, कार्तिक, आर्यन - 8

by Renu Chaurasiya

अगले दिन शाम कोपुराने स्पोर्ट्स ग्राउंड की बाउंड्री वॉल के पासआर्यन के दोस्त जमा थे—रघु, अमन और तीन–चार और ...

वरदान - 3

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 1.1k

भिखारी का रूप अचानक बदल गया।उसका जर्जर और घावों से भरा शरीर अब तेजोमय हो उठा। उसके अंगों से ...

दर्द से जीत तक - भाग 8

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 804

कुछ महीने बाद...वही रोशनी, वही खुशी,लेकिन इस बार मंच नहीं — मंडप सजा था।सामने बैठी थी एंजल —सालों बाद, ...

वरदान - 2

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 1.3k

दिन ढल रहा था और महल की ओर जाने वाले मार्ग पर हल्की धूप बिखरी हुई थी। तभी समाचार ...

वरदान - 1

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 2.3k

एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ ...

वरदान

by Renu Chaurasiya
  • (4.9/5)
  • 3.1k

बहुत समय पहले एक राजा हुआ करते थे। राजा अत्यंत धर्मपरायण और न्यायप्रिय थे। उनके राज्य में प्रजा सुखी ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 7

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 1.4k

वो चुंबन जिसे कार्तिक झेलने को मजबूर थाकुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें हम चुनते नहीं…कुछ रास्ते ऐसे होते ...

दर्द से जीत तक - भाग 7

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 1.5k

वो सर्दियों की ठंडी शाम थी जब गांव की गलियों में हल्की धुंध तैर रही थी।और वहीं से शुरू ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 6

by Renu Chaurasiya
  • (0/5)
  • 1.8k

वो जब तक बाहर बैठा आसमान को निहारता रहा ।आसमान के चमकते ये सितारों में ,वह एक चेहरा खोजता ...

अंश, कार्तिक, आर्यन - 5

by Renu Chaurasiya
  • (4.9/5)
  • 3.2k

भीड़-भाड़ भरी कैंटीन में,कार्तिक एक कोने की खिड़की के पास बैठा था।उसकी नीली गहरी आँखें किताब के पन्नों पर ...