Ashin Rishi लिखित कथा

तुमसे नफ़रत करना भूल गई

by Ashin Rishi
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कुछ लोग ज़िंदगी में इसलिए नहीं आते कि तुम्हें खुश करें—वो इसलिए आते हैं ताकि तुम खुद को पहचानो। ...

जब रेत ने याद दिलाया

by Ashin Rishi
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मैं तीस साल बाद उसी समुद्र तट पर खड़ी थी, और लहरें मेरे पैरों को वैसे ही छू रही ...

वो रात जब अँधेरे ने रोशनी से प्यार किया

by Ashin Rishi
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राधिका के हाथों में वो पुरानी चाबी तब से जल रही थी जब से उसकी दादी ने आखिरी सांस ...

अधूरी मुलाक़ात

by Ashin Rishi
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भाग एक: वो पहली बारिश मीरा को बारिश से नफ़रत थी। शायद इसलिए कि उसकी ज़िंदगी में जो भी ...

तेरे नाम की खुशबू

by Ashin Rishi
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प्रिया ने जब पहली बार उस छोटे से कॉफी शॉप में कदम रखा था, तो उसे नहीं पता था ...

गहराइयों में तुम

by Ashin Rishi
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शीर्षक: “गहराइयों में तुम” ...

हम फिर भी मिलेंगे

by Ashin Rishi
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शीर्षक:"हम फिर भी मिलेंगे" ...