वेद्रान — एक इश्क़, एक श्रापअध्याय 11वेद्रान बहुत आराम से, धीरे-धीरे चल रहा था। मीरा उसके साथ चल रही ...
वेद्रान — एक इश्क़, एक श्रापअध्याय 10दोनों उस ठंडे माहौल में धीरे-धीरे कदम बढ़ा रही थीं। दोनों ने एक-दूसरे ...
अध्याय 9मीरा और दिया सो गईं। अगली सुबह दोनों तैयार थीं। दिया ने ब्लैक जींस और पिंक टॉप पहना ...
अध्याय 8ट्रेन सामान्य रफ़्तार से चल रही थी। मीरा अपने प्रोजेक्ट की फाइल में कुछ नोट कर रही थी। ...
अध्याय 7महेश चारों तरफ देखने लगा।दोनों को ठंड लगने लगी। धीरे-धीरे हाड़ कंपा देने वाली ठंड होने लगी। उनके ...
अध्याय 6जादुई, फूलों से लदे पेड़ से एकाएक सारे फूल झड़कर हवा में उड़ने लगे। दिन के वक्त अंधेरा ...
अध्याय 5उनकी नजर एक बेहद खूबसूरत इंसानी लड़की पर पड़ी, जो उन फूलों के बीच बैठी झील के पानी ...
अध्याय 4मीरा हल्का-सा मुस्कुराई। दिया चुप थी।मीरा: जी, अंकल। जरूर। वैसे आप यहाँ पापा के पास आते-जाते रहिएगा। क्योंकि ...
अध्याय 3दो दिन बीत गए। बिशम्बर को अब घर पर लाया गया था। वह बिस्तर पर ही था, पर ...
अध्याय 2मीरा भी अब असमंजस में थी कि आखिर हो क्या रहा है?वह चुपचाप फेरों के लिए खड़ी हो ...