Sonam Brijwasi लिखित कथा

अदृश्य पीया - 9

by Sonam Brijwasi

(सुबह की हल्की रोशनी कमरे में फैल रही है।)(सुनीति की आँख खुलती है।)(वो हाथ बढ़ाकर बिस्तर के दूसरे हिस्से ...

बिल्ली जो इंसान बनती थी

by Sonam Brijwasi
  • 93

Heroine: शानवी सिंहHero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।बड़े शहर में छोटी ...

इस घर में प्यार मना है - 9

by Sonam Brijwasi
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सुबह की पहली किरण अभी खिड़की तक पहुँची भी नहीं थी—कि नीचे से चीख़ने–चिल्लाने की तेज़ आवाज़ें हवेली में ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 5

by Sonam Brijwasi
  • 609

सुबह की हल्की धूपShreya balcony में खड़ी हल्की हवा महसूस कर रही है।आँखों के नीचे हल्की थकान — रात ...

अदृश्य पीया - 8

by Sonam Brijwasi
  • 510

(सुबह की धूप कमरे में आ रही है।)(कौशिक आईने के सामने खड़ा है — पूरी तरह साफ़ दिख रहा ...

इस घर में प्यार मना है - 8

by Sonam Brijwasi
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रघुवंशी हवेली में नियम पत्थर की लकीरों जैसे थे—दिखते नहीं थे, पर हर साँस में महसूस होते थे।और अब…वो ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 4

by Sonam Brijwasi
  • 876

Shreya का नया रूपBreakfast के बाद Shreya कमरे में जाती है।बाहर हल्की धूप, अंदर शांत माहौल।वो अलमारी खोलती है ...

अदृश्य पीया - 7

by Sonam Brijwasi
  • 642

(रात के 2:34 बजे। कमरे में हल्की पीली रोशनी।(सुनीति चश्मा लगाए खड़ी है। कौशिक उसके सामने बैठा है — ...

इस घर में प्यार मना है - 7

by Sonam Brijwasi
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रात…जब पूरा घर नींद के बोझ से खामोश हो जाता—तभी कदमों की आहट धीरे-धीरे उस अंधेरे कमरे की ओर ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 3

by Sonam Brijwasi
  • 1.1k

आधी रात का डररात के 12 बजे। कमरा शांत। हल्की–सी हवा परदे हिला रही है।तीनों गहरी नींद में हैं।अचानक ...