संयोगिता ने अपनी चालाकी से ट्रक ड्राइवर को खामोश करा दिया था। उसने उसे एक मोटी रकम दी थी ...
अगली ही सुबह शैलजा मंदिर गई। उसकी आँखों में आँसू नहीं… अब संकल्प था। वो रोज़ आधी रात को ...
( एक हल्की सी नीली रोशनी कमरे में फैली हुई है।कबीर अपने लैपटॉप पर तेज़ी से कोड टाइप कर ...
कुछ देर बाद…शिवांश…श्रेया की बाहों में ही सो गया…उसकी धीमी-धीमी साँसें…और मासूम चेहरा…श्रेया को कुछ पल के लिए…सारी तकलीफें ...
पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर वर्मा अपनी मेज पर बैठे राहुल के फोन की लोकेशन ट्रैस करने की कोशिश कर ...
सुबह के बाद से ही कैलाश बदल गया था। वो कमरे में था…पर जैसे परछाईं बन गया हो। ना ...
आधी रात का समय। बाहर बिजली चमक रही है। सिया करवटें बदल रही है, उसका चेहरा बेचैन है।)सिया की ...
शिवांश के स्कूल जाते ही…घर फिर से शांत हो गया…श्रेया सोफे पर बैठी थी…उसके चेहरे पर थकान साफ दिख ...
शहर के पुराने हिस्से में एक तांत्रिक रहता था। लोग उसे त्रिकाल बाबा कहते थे। कहते थे, उसे आत्माओं ...
गोदाम में सन्नाटा था, सिर्फ बाहर से आती हवा की सरसराहट और राहुल की भारी साँसों की आवाज़ गूंज ...