Sonam Brijwasi लिखित कथा

पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10

by Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी ...

अजनबी - 5

by Sonam Brijwasi
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तीनों एकदम सन्न खड़े थे…नज़रें ज़मीन पर जमी हुईं…वो चौथी परछाई…स्पष्ट दिख रही थी…रिद्धि की उंगलियां कांपने लगीं वो ...

Honted Jobplace - 15

by Sonam Brijwasi
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ऑफिस — सुबह का समय…पुलिस पूरी बिल्डिंग में फैल चुकी है…कृषांत हाथ में पेनड्राइव लिए खड़ा है…उसमें CCTV फुटेज ...

पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 9

by Sonam Brijwasi
  • 360

गंगा किनारे तूफानी हवाएँ चल रही थीं…आसमान पूरी तरह काला पड़ चुका था। तीनों वैंपायर सामने खड़े थे खतरनाक… ...

अजनबी - 4

by Sonam Brijwasi
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रिद्धि की धड़कनें अभी संभली भी नहीं थीं कि…अचानक विशाल ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा…विशाल बोला -हाहाहा… रिद्धि! तुम्हारा चेहरा ...

Honted Jobplace - 14

by Sonam Brijwasi
  • 951

कमरा — हल्की-सी अंधेरी रोशनी…श्राव्या बेहोश कृषांत की बाँहों में…और सामने हवा में तैरती प्रिशा…कृषांत धीरे से श्राव्या को ...

पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 8

by Sonam Brijwasi
  • 780

दिन बीतते गए…और कृष्णा ने अब अपनी पूजा-पाठ और बढ़ा दी थी। सुबह मंदिर…घर में मंत्र…रात को रामायण का ...

अजनबी - 3

by Sonam Brijwasi
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अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब ...

Honted Jobplace - 13

by Sonam Brijwasi
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रात — वही कमरा। हल्की रोशनी… बाहर धीमी हवा…श्राव्या अब थोड़ा संभल चुकी है… कृषांत उसके सामने खड़ा है… ...

मौत से भागती दुल्हन - 12

by Sonam Brijwasi
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मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर ...