sukhvinder Singh Rai लिखित कथा

अधूरी स्याही और समंदर

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 624

बांद्रा स्टेशन का वो अंतहीन और भारी शोर, हवा में घुली सिगरेट के धुएँ की महक, और बिना रुके ...

काले लिफाफे का 'आलू'

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 609

गर्मियों की वो झुलसा देने वाली दोपहर थी। आसमान से जैसे अंगारे बरस रहे थे और गाँव की गलियों ...

रूह का आखिरी सफर

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 1.1k

प्लेटफार्म नंबर चार पर जैसे मौत का सन्नाटा पसरा हुआ था। दिसंबर की सर्द रात, और उस पर कोहरे ...

सपनों की मलिका

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 1.2k

शहर की चकाचौंध से दूर, एक सुंदर और करीने से बने आधुनिक घर के भीतर—जहाँ दीवारों पर सफेदी और ...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 10

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 1.3k

(नदी के उस गीले और कीचड़ भरे किनारे पर जहाँ सरकंडों और घने पेड़ों का झुंड पानी के करीब ...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 9

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 1.4k

(पानी की उस ठंडी और असीम गहराइयों में, जहाँ सूरज की किरणें भी मुश्किल से पहुँच पा रही थीं, ...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 8

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • (0/5)
  • 1.8k

(आसमान के सीने पर गरजते हुए उस काले हेलीकॉप्टर ने जब अगला पैंतरा बदला, तो हवा में मौत का ...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 7

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 2k

(आसमान की छह-सात सौ फीट की बुलंदी पर मौत की रफ्तार से चीखती हुई वह पर्पल कार किसी उबलती ...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 6

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 2k

(आसमान की छह-सात सौ फीट की बुलंदी पर सन्नाटे को चीरती हुई वह पर्पल कनवर्टिबल कार अभी-अभी अपनी ही ...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 5

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
  • 2.3k

(बादलों के बीच छह-सात सौ फीट की बुलंदी पर खामोश तैरती उस हाई-टेक पर्पल कार के कैबिन में गहरा ...