मन को वश में करो — वश या बोध?

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  अध्याय मन को वश में करो — वश या बोध? बीज-विचार मन को वश में करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि मन को वश में कौन करेगा?जो मन को नियंत्रित करना चाहता है, क्या वह मन से भिन्न है?यदि भिन्न है, तो वह कौन है; और यदि मन ही है, तो नियंत्रक और नियंत्रित में अंतर कहाँ रहा? यहीं से Vedanta 2.0 की खोज आरम्भ होती है। 1. कृष्ण का सरल वाक्य और अर्जुन का कठिन प्रश्न गीता में मन को नियंत्रित करने की बात आती है। सामान्य अर्थ में इसे हम ऐसे समझ लेते हैं— “मन