अधांतर - ११ अनु... द्वारा सामाजिक कथा मराठी में पीडीएफ

अधांतर - ११

अनु... मातृभारती सत्यापित द्वारा मराठी सामाजिक कथा

अधांतर-११ खमोशी के दरीचो से, कभी शब्दो को सुना है? मैने रात की बारीश मे, ख्वाबो को भिगते देखा है । अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप....'मुलींनी जास्त बोलू नये' हे जस शिकवल्या जात तस ...अजून वाचा

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