स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 32 ) Siddharth द्वारा प्रेम कथा मराठी में पीडीएफ

स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 32 )

Siddharth द्वारा मराठी प्रेम कथा

चलती रही दुनियाकी भिडमे बहोतोने हात छोड दिया मेरे हालात देखकर पर ऊस हालातमे भी मेरे साथ रही वो परछाई , वो मिठीसी याद हो तुम... नित्या जरी रागात सर्व काही बोलून गेली असली तरी ती बोच ...अजून वाचा

इतर रसदार पर्याय