सिद्धनाथ Sanjeev द्वारा थरारक में मराठी पीडीएफ

सिद्धनाथ

Sanjeev द्वारा मराठी थरारक

सिद्धनाथ संध्याकाळ झाली होती, नदी चा तो भाग तसा उजाड च होता, नदीच पात्र मोठं होत, आजूबाजूला दाट झाडी होतीच, नदी जवळ एक वडाचा पार त्या जवळ मारुतीचं लहानस मंदिर सोडलं तर बाकी वस्ती वगैरे नव्हती, त्याला लागून जवळच ...अजून वाचा

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